Monday, December 14, 2015

हिन्दी ब्लॉगर्स फ़ोरम  इंटरनेशनल पर

Golden World यक़ीनन आपका कल सुनहरा है

  • Monday, December 14, 2015
  •  by 
  • DR. ANWER JAMAL
  • प्रश्नः अनवर साहब, आज जो विश्व में हो रहा है, उसका उपसंहार क्या होगा? आप एक क़ाबिल इंसान हैं, आप कल को कैसा पाते हैं?हमारे ब्लाॅग के एक क़ाबिल पाठक भाई दशरथ दुबे जी ने यह सवाल हमसेपिछली ब्लाॅग पोस्ट पर किया है।इसके जवाब में यह पोस्ट हाजि़र है।उत्तरः जो कुछ विश्व में कल हुआ था, उससे आज के हालात बने और ये बहुत अच्छे हालात हैं, इनमें...
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    Tuesday, November 24, 2015

    Human Today हिंदी मासिक पत्रिका "ह्यूमन टुडे" के लिए रचनाये आमंत्रित

    सभी ब्लॉगर मित्रों को नमस्कार
    बहुत दिन बाद आप मित्रों के सम्मुख आने का मौका मिला , मित्रों नव प्रकाशित हिंदी मासिक पत्रिका "ह्यूमन टुडे " को सम्पादन करने की जिम्मेदारी मिली है. ऐसे में आपलोगों की याद आनी स्वाभाविक है. भले ही इतने दिनों तक गायब रहा लेकिन आपसे दूर नहीं , मैं चाहता हूँ की जो ब्लॉगर मित्र अपनी रचनाओ के माध्यम से मुझसे जुड़ना चाहते है , मै  उनका सहर्ष स्वागत करता हूँ।  सामाजिक सरोकारों से जुडी इस पत्रिका में आपकी रचनाओ का स्वागत है , जो मित्र मुझसे जुड़ना चाहते हैं वे अपनी रचनाएँ मुझे मेल करें। ।
    humantodaypatrika@gmail.com
    रचनाएँ राजनितिक , सामाजिक व् ज्ञानवर्धक हो। कविता , कहानी व विभिन्न विषयो पर लेख आमंत्रित।
    harish singh ---- editor- Human today

    आतंकवाद को दुनिया का मीडिया कैसे दिखाता है?

    आतंकवाद को दुनिया का मीडिया कैसे दिखाता है और उसे समझदार लोग कैसे देखते हैं, इसका पता आज अचानक तब चला, जब....
    पूरी रिपोर्ट इस लिंक पर :
    http://hbfint.blogspot.in/2015/11/httpblogg.html


    Friday, November 20, 2015

    Pandit Mahendra Pal Arya के प्रश्नों के उत्तर

    मशहूर ब्लॉगर और आलिम safat alam taimi sahib ने अपने ब्लॉग प्रेमवाणी पर अपनी पोस्ट में दिए हैं

    पंडित महेन्द्रपाल आर्य के प्रश्नों के उत्तर

    (पढ़ने के लिए ऊपर का लिंक क्लिक करें)
    प्रेम का माहौल बनाने के लिए यह एक अच्छी कोशिश है. 

    Thursday, November 19, 2015

    kahani sankalan पर Dr. Shikha Kaushik 'Nootan' को मुबारकबाद

    Dr. Shikha Kaushik 'Nootan' का कहानी संकलन देख कर ख़ुशी हुई
    क्योंकि औरत कट्टर नहीं होती. 
    एक ब्लॉगर के रूप में वह हमारे बीच अपनी पहचान रखती ही हैं.
    नैतिक मूल्यों और अच्छे उसूलों को वह अब उस समाज के बीच भी ला रही हैं जोकि इंटरनेट से नहीं जुड़ा है.
    हमारी दुआएं हमेशा उनके साथ रही हैं
    क्योंकि वह खुद बहुत नेक तबीयत हैं.


    मुबारक हो.

    Saturday, November 7, 2015

    अरुंधति रॉय: मैं अपना पुरस्कार क्यों लौटा रही हूँ

    मनोज पटेल at पढ़ते-पढ़ते - 2 days ago

    *अरुंधति रॉय का यह लेख आज इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुआ है. * *अरुंधति रॉय: मैं अपना पुरस्कार क्यों लौटा रही हूँ * (अनुवाद: मनोज पटेल) हालांकि मैं यह नहीं मानती कि पुरस्कार हमारे काम को मापने का कोई पैमाना होते हैं, मैं लौटाए गए पुरस्कारों के बढ़ते ढेर में 1989 में सर्वश्रेष्ठ पटकथा के लिए जीता गया अपना राष्ट्रीय पुरस्कार जोड़ना चाहूंगी. इसके अलावा, मैं यह भी स्पष्ट कर देना चाहती हूँ कि मैं यह पुरस्कार इसलिए नहीं लौटा रही हूँ क्योंकि मैं मौजूदा सरकार द्वारा पोसी जा रही उस चीज को देखकर "हैरान" हूँ जिसे "बढ़ती असहिष्णुता" कहा जा रहा है. सबसे पहले तो यह कि इंसानों की पीट-पीट कर हत्... more »

    आयुर्वेदिक चाय

    irshad rafik at Dr Irshad - 1 day ago

    आयुर्वेदिक चाय लाभ-- इस पेय के सेवन से शरीर में स्फूर्ति व मस्तिष्क में शक्ति आती है । पाचनक्रिया में सुधार होता है और भूख बढ़ती है । सर्दी, बलगम, खांसी, दमा, श्वास, कफजन्य ज्वर और न्युमोनिया जैसे रोग होने की सम्भावना कम हो जाती है । इसे ओजस्वी चाय नाम दें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी । सामग्री (१) गुलबनपशा २५ ग्राम (२) छाया में सुखाये हुए तुलसी के पत्ते २५ ग्राम (३) तज २५ ग्राम (४) छोटी इलायची १२ ग्राम (५) सोंफ १२ ग्राम (६) ब्राह्मी के सूखे पत्ते १२ ग्राम (७) छिली हुई जेठीमधु १२ ग्राम विधि-- उपर्युक्त प्रत्येक वस्तु को अलग-अलग कूटकर चूर्ण बना के मिश्रित कर लें । जब चाय-कॉफी पीने की आवश... more »
    Image result for ayurvedic tea

    Sunday, October 18, 2015

    ग़ज़लगंगा.dg: हमको जिसका मलाल था क्या था

    कोई सुर था न ताल था क्या था
    बेख़ुदी का धमाल था क्या था
    ख्वाब था या खयाल था क्या था
    हमको जिसका मलाल था क्या था
    तुमने पत्थर कहा, खुदा हमने
    अपना-अपना ख़याल था क्या था
    आग भड़की तो किस तरह भड़की
    जेहनो-दिल में उबाल था क्या था
    सारे किरदार एक जैसे थे
    हर कोई बेमिसाल था क्या था
    मौत को हम गले लगा बैठे
    ज़िन्दगी का सवाल था क्या था
    रास्ते बंद हो चुके थे क्या
    आना-जाना मुहाल था क्या था
    जिससे रफ़्तार की तवक़्क़ो थी
    काले घोड़े की नाल था क्या था
    कोई बाज़ी लगी थी आपस में
    या कि सिक्का उछाल था क्या था
    देवेन्द्र गौतम 08860843164

    ग़ज़लगंगा.dg: हमको जिसका मलाल था क्या था

    Sunday, August 30, 2015

    निर्भीक-आजाद पंछी: हमारे जीवन का दर्शन ( सितम्बर -2015 )

    1 सितम्बर 2015 :मान-शान की इच्छा से दिये गए लाख रूपये की तुलना में प्रेम व ईमानदारी से दान किये गए मुट्ठी भर चावल का अधिक महत्व है.
    2 सितम्बर 2015 : यदि आप हिम्मत का पहला कदम आगे बढायेगे तब परमात्मा की सम्पूर्ण मदद मिल जायेगी.
    3 सितम्बर 2015 : मुस्कराना, संतुष्टता की निशानी है. इसलिए सदा मुस्कराते रहो.
    4 सितम्बर 2015 : क्या मेरे विचारों का स्तर ऐसा है कि मैं परमात्मा का बच्चा कहलाने का अधिकारी हूँ.
    5 सितम्बर 2015 : स्वयं में दैवी गुणों का आह्वान करो तो अवगुण भाग जायेंगे.
    6 सितम्बर 2015 : एक अच्छा, स्वच्छ मन वाला व्यक्ति दूसरों की विशेषताओं को देखता है. दूषित मन वाला व्यक्ति दूसरों में बुराई ही तलाशता है.
    7 सितम्बर 2015 : जो संकल्प करो उसे बीच-बीच में दृढ़ता का ठप्पा लगाओ तब विजयी बन जायेंगे. आगे पढ़े......

    निर्भीक-आजाद पंछी: हमारे जीवन का दर्शन ( सितम्बर -2015 )

    Wednesday, July 1, 2015

    ग़ज़लगंगा.dg: न काफिलों की चाहतें न गर्द की, गुबार की

    न नौसबा की बात है, न ये किसी बयार की
    ये दास्तान है नजर पे रौशनी के वार की
    किसी को चैन ही नहीं ये क्या अजीब दौर है
    तमाम लोग लड़ रहे हैं जंग जीत-हार की
    न मंजिलों की जुस्तजू, न हमसफर की आरजू
    न काफिलों की चाहतें न गर्द की, गुबार की
    जहां तलक है दस्तरस वहीं तलक हैं हासिलें
    न कोशिशों की बात है न बात अख्तियार की
    हमारे पास तीरगी को चीर के चली किरन
    तुम्हारे पास रौशनी तो है मगर उधार की
    मुसाफिरों के हौसले पे बर्फ फेरता रहा
    कहानियां सुना-सुना के वो नदी की धार की
    देवेंद्र गौतम 08860843164



    ग़ज़लगंगा.dg: न काफिलों की चाहतें न गर्द की, गुबार की

    Wednesday, June 10, 2015

    मुसलमान योग का नहीं बल्कि कूटनीतिक हथकंडों का विरोध करते हैं

    पतंजलि के योग दर्शन में सूर्य नमस्कार नहीं है

  • Wednesday, June 10, 2015
  •  by 
  • DR. ANWER JAMAL
  • पतंजलि के योग दर्शन में सूर्य नमस्कार नहीं है। सूर्य नमस्कार तो क्या उसमें सुखासन के सिवा और कोई दूसरा आसन ही नहीं है। योग करने के लिए सुखासन काफ़ी है। योग है चित्त की नकारात्मक वृत्ति का निरोध करना। सुखासन में बैठो और अपने चित्त की वृत्ति का निरोध करते रहो। इसमें किसी मुसलमान को कोई आपत्ति नहीं होगी लेकिन जब योग के नाम पर शिर्क और कुफ्र...
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    Saturday, February 7, 2015

    पैगम्बर मुहम्मद साहब (सल्ल.) पर मारवाड़ी में एक किताब By Rajiv Sharma

    राजीव शर्मा कहते हैं- हाल में मैंने पैगम्बर मुहम्मद साहब (सल्ल.)  पर मारवाड़ी में एक किताब लिखी है।  साहित्य की भाषा में इसे जीवनी कहा जा सकता है, लेकिन  मेरा मानना है  कि  मुहम्मद साहब (सल्ल.)  की महानता का जो स्तर है, उसे किसी भी व्यक्ति के लिए किताब के पन्नों में समेट पाना मुमकिन नहीं है। उनके सम्मान में मेरा यह एक छोटा-सा प्रयास है। संभवतः यह मुहम्मद साहब (सल्ल.) पर पहली ऐसी ईबुक है जो किसी हिंदू ने मारवाड़ी में लिखी है। मुझे उम्मीद है कि इससे हम  मुहम्मद साहब (सल्ल.)  के पैगाम को जानने के साथ ही एक दूसरे को भी अच्छी तरह जान सकेंगे। मुल्क में अमन की फिजा कायम होगी। http://ganvkagurukul.blogspot.in/2015/02/blog-post.html

    Saturday, December 13, 2014

    ग़ज़लगंगा.dg: उसने चाहा था ख़ुदा हो जाए

    उसने चाहा था ख़ुदा हो जाए

    सबकी नज़रों से जुदा हो जाए.
    उसने चाहा था ख़ुदा हो जाए.

    चीख उसके निजाम तक पहुंचे
    वर्ना गूंगे की सदा हो जाए.

    अपनी पहचान साथ रहती है
    वक़्त कितना भी बुरा हो जाए.

    थक चुके हैं तमाम चारागर
    दर्द से कह दो दवा हो जाए.

    उसके साए से दूर रहता हूं
    क्या पता मुझसे खता हो जाए.

    कुछ भला भी जरूर निकलेगा
    जितना होना है बुरा हो जाए.

    होश उसको कभी नहीं आता
    जिसको दौलत का नशा हो जाए.

    घर में बच्चा ही कहा जाएगा
    चाहे जितना भी बड़ा हो जाए.

    -देवेंद्र गौतम

    Read more: http://www.gazalganga.in/2014/12/blog-post.html#ixzz3Ll9YpXwSग़ज़लगंगा.dg: उसने चाहा था ख़ुदा हो जाए

    Saturday, December 6, 2014

    बाबरी मस्जिद हादसे के बाद इसलाम के क़रीब आए हिन्दू

    डा. अनवर जमाल लेखकडा. अनवर जमालDec 06, 2014 06:38 PMसभी पोस्ट देखें

    बाबरी मस्जिद हादसे के बाद इसलाम के क़रीब आए हिन्दू

               बाबरी मस्जिद हादसे ने मुसलमानों की चेतना को बहुत चेन्ज किया है। जिसने उनके भविष्य को बदल दिया है। बाबरी मस्जिद गिरने के बाद मुसलमानों में अपने वुजूद और अपने मक़सद के प्रति अवेकनिंग आई है। उन्होंने अपने फ़र्ज़ को पहचाना और...

    Monday, November 24, 2014

    विधवा और कुंवारियां मनचाहा पति कैसे पाएँ?:Practical Training

    औरत की हक़ीक़त ब्लॉग पर

    विधवा और कुंवारियां मनचाहा पति कैसे पाएँ?:Practical Training

    धारा ने पूछा कि मैं क्या करूँ?
    मैंने कहा- आप रात को सोने से पहले ‘सबका मालिक एक’ और ‘अल्लाह मालिक’ यह कहिए। इसके बाद जैसा पति आपको चाहिए, उसका स्वरूप अपने मन में बनाईये। पति की उम्र, आमदनी, रंग, क़द, विचार और यह कि वह शहरी हो या देहाती, यह सब बिल्कुल साफ़ साफ़ सोच लीजिए। इसके बाद आप उसे अपने मन की आंखों से अपने घर में मौजूद देखिए। यह विचार लेकर आप सो जाईये और फिर सुबह को उठते ही यही विचार कीजए। दिन में भी आप इस विचार को अपने में ताज़ा करती रहिए। आप यक़ीन कीजिए कि आपका सपना पूरा होगा। एक हफ़ते में आपका काम हो जाएगा।
    19 नवम्बर 2014 को नन्हे भाई ने ख़बर दी कि धारा ने 18 नवम्बर को एक लड़के के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। दोनों पक्षों की तरफ़ से कोई भी शामिल नहीं हुआ। मैं ख़ुश हुआ कि दोनों पक्षों की तरफ़ से कोई शामिल नहीं हुआ न सही लेकिन धारा की नैया पार लग गई।
    20 नवम्बर को धारा माँग में सिन्दूर लगाकर आई। उसने मुझे, नन्हे भाई को और नोमू को बरफ़ी खिलाई। उसका चेहरा खिला हुआ था। उसने बताया कि भाई साहब, जिस दिन दुआ की उससे अगले दिन से ही रिश्ता लगना शुरू हो गया था। मेरे पति बहुत सुन्दर हैं। वह दिल्ली में रहते हैं और एक अच्छी कम्पनी में जॉब करते हैं। उसने अपने मोबाईल में अपने पति का फ़ोटो दिखाया। वाक़ई वह एक अच्छी शक्ल का नौजवान है।
    धारा बोली- आपका बहुत बहुत शुक्रिया।
    मैंने कहा- अब तो हमारे काम की शुरूआत हुई है। अब हम तुम्हें बहुत से बच्चों का वरदान देते हैं। कम बच्चों की बात कभी मत सोचना। बच्चे जितने ज़्यादा हों, उतना ही अच्छा है। सोचना कि पूरा शहर तुम्हारे बच्चों से भर गया है। तुम्हारे दौलत बहुत आएगी।
    धारा मुस्कुरा कर सुनती रही।

    Wednesday, September 10, 2014

    वीर अब्दुल हमीद जैसों की शहादत को भूल जाने वालों के लिए कोई भला अपनी जान क्यों देगा?

  • Wednesday, September 10, 2014
  •  by 
  • DR. ANWER JAMAL
  • वीरों की शहादत को भूल जाने वालों के लिए कोई भला अपनी जान क्यों देगा?  वीर अब्दुल हमीद शहीद के घर वाले जानते हैं या फिर थोड़े से और लोग कि आज 4th बटालियन, ग्रेनेडियर में तैनात हवालदार अब्दुल हमीद की शहादत दिन है। 1965 युद्ध में पाकिस्तानी सेना का सीना चीर कर उस समय के अपराजेय माने जाने वाले उसके "पैटन टैंकों" को तबाह कर देने वाले 32 वर्षीय...
    Read More...HBFI पर 

    Friday, August 15, 2014

    जंगे-आज़ादी के नायक अशफाक उल्ला खान

  • Friday, August 15, 2014
  •  by 
  • DR. ANWER JAMAL
  • इंसान को अपनी बेहतरी के लिये खुद ही संघर्ष करना पड़ता है. हरेक इंसान को जानना चाहिये कि उसके लिये क्या बेहतर है ? आज़ादी की सालगिरह मुबारक. जंगे-आज़ादी के नायक अशफाक उल्ला खान देश की गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले अशफाक उल्ला खान जंग-ए-आजादी के महानायक थे।अंग्रेजों ने उन्हें अपने...
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    Wednesday, July 2, 2014

    रमज़ान 2014 मुबारक हो

    रमज़ान मुबारक होडा. अनवर जमाल   Monday June 30, 2014

    रोज़े को उसकी भावना के साथ बुरे कामों से बचते हुए और नेकियों में तरक़्क़ी करते हुए रखें ताकि रोज़ेदार का कैरेक्टर पहले से ज़्यादा बुलंद हो जाये. आप अपना कैरेक्टर बुलंद करके अपनी तक़दीर को संवार सकते हैं. अच्छाई को हर जगह इज़्ज़त दी जाती है.

    Thursday, June 26, 2014

    डॉ. रूपचंद्र शास्त्री जी का ऐलान-"आज से ब्लॉगिंग बन्द"

    डॉ. रूपचंद्र शास्त्री 'मयंक' जी ने अपनी पोस्ट में बताया है कि 

    ब्लॉग सेतु के संचालकों में से एक श्री केवलराम जी ने मुझे कानूनी कार्यवाही करने की धमकी देकर इतना बाध्य कर दिया कि मैं ब्लॉगसेतु के संचालकों से माफी माँगूँ। 
    जिससे मुझे गहरा मानसिक आघात पहुँचा है।
    इसलिए मैं ब्लॉगसेतु से क्षमा माँगता हूँ।
    साथ ही ब्लॉगिंग भी छोड़ रहा हूँ। क्योंकि ब्लॉग सेतु की यही इच्छा है कि जो ब्लॉगर प्रतिदिन अपना कीमती समय लगाकर हिन्दी ब्लॉगिंग को समृद्ध कर रहा है वो आगे कभी ब्लॉगिंग न करे।
    मैंने जीवन में पहला एग्रीगेटर देखा जिसका एक संचालक बचकानी हरकत करता है और फेसबुक पर पहल करके चैटिंग में मुझे हमेशा परेशान करता है।
    उसका नाम है श्री केवलराम, हिन्दी ब्लॉगिंग में पी.एचडी.।
    इस मानसिक आघात से यदि मुझे कुछ हो जाता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ब्लॉगसेतु और इससे जुड़े श्री केवलराम की होगी।
    आज से ब्लॉगिंग बन्द।
    और इसका श्रेय ब्लॉगसेतु को।
    जिसने मुझे अपना कीमती समय और इंटरनेट पर होने वाले भारी भरकम बिल से मुक्ति दिलाने में मेरी मदद की।
    धन्यवाद।
    इसी पोस्ट पर केवल राम जी ने  ब्लॉगर्स ने भी अपने विचार दिए हैं.-

    कुछ यात्राएँ निराशाजनक भी साबित होती है



    दोस्तों, मैंने कल अपनी भतीजी चारू जैन के साथ एक छोटी सी रोहतक,
    हरियाणा की यात्रा की. जो उम्मीदों के अनुरूप बहुत ही निराशाजनक रही. दरअसल
    मेरी भतीजी एम.बी.बी.एस का कोर्स करना चाहती है. पिछले साल ही बारहवीं पास
    कर ली थी और दाखिले से पहले होने वाली परीक्षा में भी पास हो गई थी. लेकिन
    उसकी आयु कम होने के कारण दाखिला नहीं मिल पाया था. 
    पूरी पोस्ट नीचे क्लिक करके पढ़ें. 
    निर्भीक-आजाद पंछी: कुछ यात्राएँ निराशाजनक भी साबित होती है:

    ‘ब्लॉग की ख़बरें‘

    1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

    2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
    http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

    3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

    4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
    http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    5- इंसान का परिचय Introduction
    http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

    6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
    http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
    http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
    http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

    9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
    http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

    10- दुआ की ताक़त The spiritual power
    http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

    11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
    http://shakuntalapress.blogspot.com/

    13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
    http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

    14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
    http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

    15- अमीर मंदिर गरीब देश
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

    16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

    17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
    http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

    18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

    19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
    इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
    http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

    20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

    21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
    http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

    22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
    http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

    23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

    24- कुरआन का चमत्कार

    25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

    26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

    27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

    28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

    29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

    30-
    अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो

    साहित्य की ताज़ा जानकारी

    1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
    http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

    4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
    http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

    6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
    http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

    7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
    http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
    http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/no-voilence.html

    9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
    http://charchashalimanch.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
    http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

    11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
    http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
    http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
    http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

    14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
    http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

    15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
    http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

    16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
    http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
    http://techaggregator.blogspot.com/

    18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

    19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

    20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

    21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

    22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

    23- दिल तो है लँगूर का

    24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

    25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

    26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)